पिछले दिनों खाकी को दाग़दार करने का एक मामला राजधानी देहरादून में सेलाकुई थाना क्षेत्र से सामने आया है,अक्सर आपने लोगो में मुंह से यह कहते हुए सुना होगा कि पुलिस रस्सी का सांप बना देती है।इसी बात तस्दीक दून पुलिस का यह 02 फरवरी को जारी प्रेस नोट करता है….. पुलिस के अनुसार पुलिस द्वारा जारी किए गए प्रेस नोट में जिक्र है कि सेलाकुई के धूलकोट चौराहे के पास रूटीन चैकिंग के दौरान पुलिस को दो गाड़ियाँ तेज रफ़्तार से आती हुई दिखाई दी..पुलिस ने दौनो गाड़ियों को रुकने का इशारा किया,तो चेकिंग के दौरान गाड़ियों के अंदर से नक़ली पनीर और दहीं मिली,जिसको मौके पर फ़ूड सेफ़्टी की टीम मंगाकर नष्ट किया गया।साथ ही दौनो गाड़ियों को सीज कर दो लोगो को गिरफ्तार किया गया है।पुलिस के प्रेस नोट में दी गई जानकारी के मुताबिक दौनो को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध सेलाकुई थाने में मामला दर्ज किया गया है।यह सारी जानकारी पुलिस के द्वारा जारी किए गए प्रेस नोट में दी गई थी।
लेकिन जिनके साथ ये वारदात हुई यानी जिनको पुलिस ने मुजरिम बनाया है उनके मुताबिक सेलाकुई थाने में न तो उनके ख़िलाफ़ कोई तहरीर दी गई है,और न हो कोई मामला दर्ज है..पुलिस ने सोसल मीडिया पर सुर्खियाँ बटोरने के लिए सोशल मीडिया पर प्रेस नोट जारी कर मामले को सनसनीखेज बनाया है।

इस मामले में दोषी बनाये गए प्रदीप ने पुलिस पर मारपीट का आरोप भी लगाया है।जिसका CCTV फुटेज भी हम आपको दिखा रहे है।दुकान के CCTV फुटेज में पुलिस का एक जवान दुकान के बाहर से लाल रंग की ब्रीजा कार में पनीर भर रहा है,हो सकता है कि लाल ब्रिजा कार से पनीर उतारा गया हो और जवान उसे दोबारा गाड़ी में भर रहा हो…लेकिन दूसरी तरफ अब एक नजर दौबारा पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट पर डालें तो पुलिस के मुताबिक दौनो गाड़ियों को सड़क पर रोककर चैक किया गया,तो दौनो गाड़ियों के अंदर नक़ली पनीर और दही पाई गई,अब सवाल यह है कि यह दौनो गाड़ियाँ प्रदीप की दुकान के पास कैसे आई?
प्रदीप के मुताबिक वह सुबह 8:58 पर अपनी गाड़ी से दुकान पर पहुंचे थे,और गाड़ी उन्होंने दुकान के बाहर खड़ी की थी,जिसके बाद वह अपनी दुकानदारी में व्यस्त हो गए।लेकिन अचानक आई पुलिस ने उनकी खड़ी गाड़ी को भी दुकान से सुबह 9:50 पर यह कहकर उठाया की उनकी गाड़ी में नक़ली दही भरी है,और दोपहर 2:24 पर थाने में खड़ी गाड़ी का चालान कर ओवर स्पीड,परमिट का उलंघन जैसे सेक्शन में फर्जी तरीके से गाड़ी सीज कर दी…पुलिस की कार्यवाही पर दूसरा सवाल यह है कि जब बेलेनों गाड़ी सुबह 9:50 से 2:24 तक पुलिस के पास थी तो ओवर स्पीड का चालान पुलिस ने कैसे किया?
जबकि प्रदीप की दुकान से गाड़ी पुलिस का जवान ही चलाकर ले गया।प्रदीप के मुताबिक लाल ब्रिजा गाड़ी उनकी दुकान पर 9 बजकर 50 मिनट पर आई..यानी प्रदीप की बेलनों से करीब 50 मिनट बाद…गाड़ियों के आने जाने का यह क्रम CCTV फुटेज में दर्ज हैं।इससे यह भी प्रतीत होता है कि दौनो गाड़ियों की अवधि अलग अलग थी।लेकिन पुलिस के प्रेस नोट के अनुसार दौनो गाड़ियो को साथ ही रोकने का ईशारा किया गया और गाड़ियाँ चैक की गई।
इस प्रकरण पर फूड सेफ्टी विभाग देहरादून के असेस्टेंट कमिश्नर मनीष सयाना से फ़ोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि पकड़े गए पनीर का सैंपल लेने के बाद उसे मौके पर ही नष्ट किया गया है।क्योंकि पनीर को परिवहन करने का तरीका अनहाजैनिक था।लेकिन पकड़ी गई दही पैकिंग में थी तो उसका सिर्फ सैंपल लिया गया था। दही प्रदीप को ही वापस कर दी ।

प्रदीप के मुताबिक़ सीसीटीवी फुटेज को ध्यान से देखें तो सब इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार प्रदीप कुमार के कर्मचारी रवि को जोरदार थप्पड़ मारते हुए नजर आ रहे हैं प्रदीप के पास फूड एंड सेफ्टी द्वारा जारी डेरी दुग्ध पदार्थों को विक्रय करने का लाइसेंस भी प्राप्त है फूड एंड सेफ्टी द्वारा किए गए चालान को ध्यान से देखें तो उसमें प्रदीप को गवाह बनाया गया है जबकि प्रेस नोट के अनुसार पुलिस द्वारा प्रदीप को अभियुक्त लिखा गया है जो की भ्रामक है पुलिस द्वारा संशोधित प्रेस नोट में प्रदीप को हिरासत में लेकर पूछताछ हेतु थाने लाने बताया गया है जबकि पूछताछ हेतु हिरासत में नहीं लिया जा सकता केवल थाने ले जा सकता है फूड एंड सेफ्टी के अधिकारी असिस्टेंट कमिश्नर डॉ मनीष सायन द्वारा बातचीत पर बताया गया कि हमारी टीम द्वारा सैंपलिंग थाना सेलाकुई में की गई थी जबकि प्रेस नोट के अनुसार दोनों गाड़ियां धूलकोट किराए पर पकड़ी गई थी तो सैंपलिंग भी इस स्थान पर की जानी चाहिए थी इस प्रकार थाने पर सैंपलिंग किया जाना नियम विरुद्ध है साथ ही पुलिस द्वारा बरामद दही वह पनीर को लगभग 5 घंटे से अधिक समय तक गाड़ी के अंदर खुले स्थान पर धूप में रखा गया जिस डेरी प्रोडक्ट स्वतः ही खराब हो जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता जबकि देरी प्रोडक्टों को किसी ठंडे स्थान पर सुरक्षित प्रकार से रखा जाता है पुलिस की इस लापरवाही से डेरी प्रोडक्ट खराब होने की प्रबल संभावना है तथा इससे फूड एंड सेफ्टी द्वारा की जाने वाली लैब टेस्टिंग की रिपोर्ट पर भी प्रभाव पड़ सकता है प्रदीप के पास दही के जीएसटी बिल भी उपलब्ध हैं तथा उन दही का विवरण अंकित है
आरोपी प्रदीप के अनुसार पहले उनके परिवार के लोग इस पूरे मामले की शिकायत लेकर प्रदीप एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के पास गए। इसके बाद आरोपी के परिवार के लोगों के मुताबिक वे लोग अपनी शिकायत लेकर आईजी सदानंददाते से मिले। मिलने पर आईजी सदानंद दाते ने इस मामले पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए शीघ्र कार्रवाई करने का आश्वासन दिया
