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देहरादून में अतिवृष्टि से प्रभावित इलाकों में 13 लोग अभी भी लापता हैं जिनकी खोज जारी है। अब तक 24 शव बरामद हुए हैं। सहस्रधारा और कार्लीगाड में बादल फटने से 11 लोग और प्रेमनगर में टोंस नदी में बहने से दो लोग लापता हैं। 168 आपदा प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सोमवार रात आई आपदा के कारण कई संपर्क मार्ग टूटे हुए हैं।
सोमवार देर रात आई आपदा में शहर के एक दर्जन से अधिक इलाके ऐसे हैं, जहां अभी भी संपर्क मार्ग टूटे हुए हैं। जिला मुख्यालय से लोगों का संपर्क अभी भी खत्म है। ऐसे में इनके भवन क्षतिग्रस्त हो गये हैं या घरों मलबा घुसा है।
सहस्रधारा, कार्लीगार्ड, गजियावाला, गुच्चुपानी, मालदेवता, नंदा की चौकी आदि क्षेत्रों में प्रभावित ने खौफ के साए में रात गुजारी।
मौसम विभाग के अनुसार, देहरादून और नैनीताल में भारी बारिश, गर्जन और आकाशीय बिजली के साथ तीव्र बारिश के आसार हैं। इसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून के सहस्त्रधारा में बादल फटने की घटना के बाद भी राजधानी में राहत की संभावना नहीं है। इसके अलावा बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत और उधम सिंह नगर में भी कई स्थानों पर गर्जन के साथ बारिश होने की संभावना है। अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही रहने की उम्मीद है। देहरादून के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल सहस्त्रधारा में सोमवार देर रात करीब साढ़े 11 बजे बादल फटने से अफरातफरी मच गई। मुख्य बाजार में मलबा आने की वजह से बड़े होटलों और दुकानों को काफी नुकसान पहुंचा। स्थानीय लोगों ने एनडीआरएफ के साथ मिलकर करीब 100 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है। दो लोग लापता बताए जा रहे हैं जिनकी तलाश हो रही है।
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उत्तराखंड में ये मार्ग बंद हैं
- एनएच 707 मसूरी बेंड-कैम्पटी मार्ग जीवन आश्रम के पास मलबा आने के कारण बंद
- एनएच-34 नागणी के पास चम्बा थाना क्षेत्र अंतर्गत आमसेरा और फकोट से 250 मीटर आगे नरेंद्रनगर थाना क्षेत्रांर्गत भिनू के पास मार्ग बंद
- एनएच-07 ऋषिकेश-बद्रीनाथ रोड वर्तमान में पूर्ण रूप से खुला है, जबकि राज्य मार्ग-31 खाड़ी-देवप्रयाग मार्ग बंद
- राज्य मार्ग-76 गूलर सिल्कयानी मटियाली मार्ग बंद
- राज्य मार्ग-77 गुजराडा रानी पोखरी मार्ग बंद
