Herdyes Ballabh Goswami for News Express India
सुरेंद्र सिंह संधू उर्फ हनी की आंखों के सामने बार-बार पिता और छोटे भाई की हत्या का मंजर घूम रहा है। बताया कि सीने में गोली लगने से उनका छोटा भाई निढाल होकर जमीन पर गिर पड़ा, जबकि पिता को उसने 15 मिनट तक तड़पते देखा।
सोमवार को गल्ला मंडी में हुए गोलीकांड में बच निकले सुरेंद्र सिंह संधू उर्फ हनी ने आपबीती बयां की। उन्होंने कहा कि अंदेशा भी नहीं था कि अवैध कब्जा करने के लिए आए लोगों के पास असलहे भी थे। उन्होंने भाई के बाद पिता को गोली मारी और फिर उन पर भी फायर किया था। अगर जान बचाकर नहीं भागता तो आज वह भी जिंदा नहीं होता। वहां दो भाइयों के अलावा करीब 12 से 15 लोग मौजूद थे। कई लोगों ने तो चेहरे ढके हुए थे।
दस साल तक किया था एक मशीनरी दुकान में काम
दोहरे हत्याकांड की वजह बनी दुकान पर अवैध कब्जा करने का ठेका दिया गया था। बताया जा रहा है कि आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति ने रुद्रपुर और बिलासपुर से लोगों को बुलाया था। उनकी योजना दुकान का सामान जब्त कर विवादित करने की थी लेकिन गुरमेज और परिवार ने साजिश को नाकाम कर दिया। उन्होंने मुखर विरोध किया तो गुरमेज और मनप्रीत को जान गंवानी पड़ी। पुलिस सभी लोगों को पकड़ने में जुटी है।
जानकारी के अनुसार ईश्वर कॉलोनी निवासी गुरमेज सिंह संधू (62) की गल्ला मंडी में लुधियाना एग्रो ट्रेडर्स नाम से दुकान है। यह दुकान उन्होंने आठ महीने पहले बैंक की नीलामी में खरीदी थी। रविवार रात करीब दो बजे उन्हें दुकान पर अवैध कब्जा किए जाने की सूचना मिली थी। वे अपने छोटे बेटे मनप्रीत सिंह (28) के साथ बाइक पर दुकान की तरफ निकल गए।पीछे-पीछे बड़ा बेटा सुरेंद्र सिंह उर्फ हनी भी स्कूटी से निकला था।
सुरेंद्र के अनुसार दुकान पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे लोगों ने उनके भाई मनप्रीत की छाती और पिता गुरमेज के पैर पर गोली मार दी। बदमाशों ने उन पर भी फायर किया लेकिन उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई और पुलिस को वारदात की सूचना दी। दोनों घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है। गोलीकांड के बाद हमलावर भाग निकले।
दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी दिनेश के पैर में गोली लगी है। बताया जा रहा है कि हत्याकांड के कुछ देर बाद वह नाटकीय ढंग से कोतवाली पहुंच गया था। पुलिस ने उससे पूछताछ की। उसका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। दिनेश के पैर पर गोली लगने को कुछ लोग पेशबंदी के रूप में देख रहे हैं। तराई किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क ने कहा कि एक पक्ष पूरी तैयारी के साथ कब्जा करने के लिए असलहों और वाहनों के साथ पहुंचा था। दूसरा पक्ष नींद से उठकर सीधे विरोध करने वहां पहुंरा। दो लोगों की हत्या करने के बाद एक हत्यारोपी के पैर में गोली लगना न सिर्फ संदेहजनक है, बल्कि लोमहर्षक कांड को पेशबंदी दिखाने की कोशिश हो रही है। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि नामजद अभियुक्त दिनेश के पैर में गोली लगना संदेहजनक लग रहा है। टीम इसकी जांच कर रही है।

घेराव के बाद तजिंदर सिंह विर्क ने कहा कि घटना में शामिल सभी हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की जानी चाहिए और साक्ष्यों को पुलिस अपने कब्जे में ले। ये दुस्साहसिक घटना प्रायोजित है। अपराधियों के हौसले बढ़े हुए हैं। पुलिस की गोली अपराधियों के पैर में लगती है और बदमाशाें की गोली लोगों के सीने छलनी कर रही है। किसान नेता सलविंदर सिंह कलसी ने कहा कि शहर में दोहरा हत्याकांड होना भयमुक्त नहीं भययुक्त है। पुलिस प्रशासन को कथनी करनी को ठीक करना होगा। पूरा नियोजित षड्यंत्र था। तीसरे की किस्मत अच्छी थी कि वह बच गया। परिवार को पहले भी धमकियां मिली थी। परिवार में दो सदस्य बाकी है और उनका डर रोकने के लिए पुलिस को वहां रहना होगा।
संगत बैठक कर लेगी अंतिम संस्कार का फैसला
रुद्रपुर। सोमवार को मोर्चरी से दोनों शवों को एक्सरे के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया था। गुरमेज के पैर के पिछले हिस्से और मनप्रीत के सीने में गोली लगी थी। इसके बाद दोनों शवों का डाॅक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया था। परिजन शव घर ले गए हैं। सिख समाज के लोगों ने अंतिम संस्कार पर मंगलवार को बैठक कर निर्णय लेने की बात कही है। तजिंदर सिंह विर्क ने बताया कि आदर्श काॅलोनी स्थित गुरु सिंघ सभा गुरुद्वारा में मंगलवार सुबह नौ बजे संगत की बैठक होगी। इसमें पुलिस की कार्यवाही के आधार पर अंतिम संस्कार का फैसला लिया जाएगा। फिलहाल दोनों शवाें को मृतकों के घर पर रखवा दिया गया है।
