उत्तर प्रदेश में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां वाराणसी पुलिस के ऑपरेशन चक्रव्यूह में 25 हजार का इनामी कुख्यात अजय साहनी अपने साथी त्रिभुवन के साथ गिरफ्तार। रामनगर के कोदो गांव में महिला से चेन छीनने की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस मुठभेड़ में अजय साहनी घायल जबकि त्रिभुवन ने किया आत्मसमर्पण। दोनों बदमाशों के खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
तमंचा, कारतूत, सोने की चेन और बाइक बरामद हुई है। पूछताछ में रामनगर के कोदो गांव में महिला से चेन छीनने की बात कुबूलते बदमाशों ने पुष्टि की कि बरामद सोने की चेन कोदो गांव की महिला की है। डीसीपी गौरव पुलिस टीम को 25 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा करते हुए पीठ थपथपाई।
एसीपी प्रज्ञा पाठक ने बताया कि दोनों बदमाश जिला कारागार में दोस्त बने। जमानत पर छूटे तो दोनों ने अपराध में तेजी से कदम बढ़ाए। अजय साहनी के खिलाफ काशी जोन के थानों में 12 मुकदमें दर्ज, जबकि त्रिभुवन के खिलाफ छह आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं।
रामनगर इंस्पेक्टर राजू सिंह ने बताया कि दोनों बदमाश आदतन अपराधी हैं। अजय साहनी ने कोदो में किराए पर मकान लेकर चेन छिनैती की। चंदौली में भी दोनों ने कई घटनाएं की हैं। अजय ने बताया कि पुलिस पर फायरिंग मामले में उसे लंका पुलिस जेल भेजी थी। बताया कि एक सप्ताह पूर्व कोदोपुर में महिला से चेन छीनने की घटना दोनों ने मिलकर की थी। सीसीटीवी फुटेज में दोनों बदमाश पहचाने गए थे। वारदात के बाद मुगलसराय भागे थे।
पुलिस टीम में थाना प्रभारी रामनग राजू सिंह, दारोगा अमीर बहादुर सिंह, आदित्य राय, पंकज कुमार मिश्र, ओम प्रकाश वर्मा, पीयूष त्रिपाठी , मुख्य आरक्षी सद्दाम हुसैन, सूर्यप्रकाश, कांस्टेबल इकरार मोहम्मद, सत्यदेव गौड़, रणधीर गौड़, गौरव भारती, शैलेन्द्र सिंह आदि रहे।