लखीमपुर खीरी हिंसा में जहां 4 किसान मारे जाने की बात कही जा रही थी. वही दूसरी तरफ कुछ बीजेपी कार्यकर्ता और ड्राइवर को सरेआम मौजूद किसानों की भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था. इन लोगों के परिजनों ने न्याय की गुहार लगाई है
तिकुनियां कांड में किसानों की भीड़ ने शहर निवासी शुभम मिश्रा, फरधान के शंकरपुर गांव निवासी हरिओम मिश्रा एवं निघासन क्षेत्र के श्याम सुंदर को पीट पीटकर मौत के घाट उतार दिया था। इसमें शुभम और श्यामसुंदर जहां भाजपा पदाधिकारी थे तो वहीं हरिओम मिश्रा मंत्री पुत्र की थार वाहन का ड्राइवर। तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर परिजन को प्रति तक नहीं दी है। इससे शुभम के परिजनों में बेहद नाराजगी है।
पिता विजय मिश्रा के नेतृत्व में परिजन, मित्र एवं मोहल्ले के लोगों ने शनिवार रात घर से संकटा देवी चौराहे तक कैंडल मार्च निकालकर शुभम को श्रद्धांजलि देकर उसके हत्यारों को फांसी देने की मांग की। मृतक के चचेरे भाई उत्कर्ष मिश्रा ने बताया कि ताऊ विजय मिश्रा ने दसवां एवं तेरहवीं तक हत्यारों की गिरफ्तारी न होने पर धरना देने का एलान किया है।
उत्कर्ष का कहना है कि उनका भाई निर्दोष था। फिर क्यों उसे पीट पीट कर मार डाला गया। इसकी तहरीर देने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। हमारी मांग है कि पुलिस नामजद मुकदमा दर्ज कर हत्यारों को फांसी की सजा दे।

तिकुनिया कांड के बाद बिगड़े माहौल को लेकर संपूर्णानगर थाना पुलिस ने कस्बा में पैदल मार्च किया। संपूर्णानगर थाना प्रभारी अनिल कुमार सैनी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल ने पैदल मार्च किया। थाना प्रभारी ने बताया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार की कोई घटना न हो, इसको लेकर पुलिस द्वारा पैदल मार्च कर कानून व्यवस्था को कायम किया जा रहा है। पुलिस कस्बा में लगातार गश्त कर रही है।